उत्तराखंड.

गुरुवार 26 जून को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चारधाम के तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिर गई थी। हादसे के वक्त बस में 20 लोग सवार थे, जिनमे से 10 लोग बाहर छिटक गए थे। बाहर छिटके दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दस लोग बस के साथ नदी में समा गए थे। दुर्घटना के प्रारंभिक कारणों की जांच और घायल चालक सुमित कुमार से हुई पूछताछ के आधार पर आरटीओ पांडेय ने बताया कि दुर्घटना का एक कारण बस के सामने से आ रहे ट्रक की साइड लगना भी हो सकता है। दरअसल, जिस जगह दुर्घटना हुई वहां तीव्र ढाल है। बस ढलान पर थी, जबकि सामने से ट्रक चढ़ाई पर था। जिलाधिकारी प्रतीक जैन से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर घोलतीर के समीप हुए यात्री वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं। उप जिला मजिस्ट्रेट याक्षी अरोड़ा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी ने बताया कि 26 जून को बदरीनाथ हाईवे पर रुद्रप्रयाग से बदरीनाथ जा रहा यात्री वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा नदी में समा गया था। हादसे में अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

 

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने घोलतीर में हुए वाहन दुर्घटनास्थल का शुक्रवार को निरीक्षण किया। इसके बाद मामले की जांच के लिए उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की। यह कमेटी जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण कर छोटे से छोटे डेंजर जोन को चिह्नित करेगी, जिससे भविष्य में इस तरह के हादसे न हों। जिलाधिकारी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए प्रशासन गंभीर है। उन्होंने एसडीएम की अध्यक्षता में एक विशेष उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जिसमें एआरटीओ, पुलिस, लोनिवि और एनएच के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह समिति जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के अति संवेदनशील व संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर सभी पहलुओं का अध्ययन करेगी। डीएम ने सभी हाईवे पर साइनेज लगाने, पैराफिट बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने केदारनाथ यात्रा पर आने वाले यात्रियों से अपील की है कि वह बरसाती मौसम में सावधानी से यात्रा करें।

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