देहरादून.

जिलाधिकारी सविन बंसल के साहस, सादगी और विजन ने सभी का दिल जीत लिया। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी सरकारी अमले और क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर के साथ सहसपुर विकासखंड के दुर्गम गांव बटोली पहुंचे। गांव तक पहुंचाने के लिए सरकारी अमले को विकराल रूप ले चुकी गहरी खाई पार करनी थी। जिसकी अगवाई स्वयं जिलाधिकारी ने की। फिर करीब डेढ़ किलोमीटर की दुर्गम चढ़ाई तय कर वे सरकारी अमले को पीछे छोड़ सबसे पहले प्रभावित गांव पहुंचे। डीएम ने 15 दिन में गांव में अस्थायी हेलीपेड बनाने, मेडिकल की व्यवस्था दुरस्त करने और वर्षाकाल में तीन माह तक मार्ग दुरस्त रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आपदा की घटनाओं पर त्वरित रिस्पांस के लिए सभी जिलाधिकारियों निर्देशित किया गया है। देहरादून जिले के मिसराल पट्टी के बटोली गावं का मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया था जिलाधिकारी सविन बंसल ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का हालचाल जाना और मौके पर ही ग्रामवासियों हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। कुछ मांगों ने डीएम ने तुरंत पूरा भी कर दिया।

 

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि यह बेहद सुखद है कि ग्रामीण विस्थापन नहीं चाहते। ऐसे में गांव में ही मूलभूत सुविधाएं जुटाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि पूरी बरसात ग्रामीणों की सुविधा के लिए मार्ग की मरम्मत के लिए 24 घंटे मजदूर उपलब्ध रहेंगे। शेरु खाले पर झूला पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि जो ग्रामीण किराए पर सुगम और सुरक्षित स्थान पर रहना चाहते हैं, उन्हें प्रति माह ₹4000 किराया आगामी तीन माह तक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 15 दिन के भीतर अस्थाई हेलीपैड का निर्माण भी कराया जाएगा, ताकि विषम परिस्थिति होने पर हेली एंबुलेंस की मदद से किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचा जा सके। गांव पहुंचकर लोगों की समस्या सुनने पर क्षेत्रीय विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने जिलाधिकारी का आभार जताया। बता दें कि ग्रामीण गहरी खाई और खाले को पार कर गांव से आना जाना करते हैं। इस साल खाई और भी भयावह हो चुकी है जिस कारण ग्रामीणों का गांव तक पहुंचाना और गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

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