उत्तराखंड.

सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद सीएम धामी मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि हम अवैध मदरसों को लेकर अल्पसंख्यक विधेयक लेकर आए लेकिन विपक्ष को इससे कोई मतलब नहीं था। सीएम ने कहा कि मैं खुद सदन शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक प्रीतम सिंह से मिला था। उनसे सदन चलाने का अनुरोध किया था लेकिन उन्हें जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी कठिनाइयों और मानसून की परेशानियों के बावजूद सभी लोग भराड़ीसैंण पहुंचे, लेकिन विपक्ष भराड़ीसैंण में सत्र चलाने के मूड में नहीं था। कल यानी 19 अगस्त को 1 घंटा 45 मिनट में 8 बार सदन को स्थगित करना पड़ा।

 

सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से मुलाकात की थी और सत्र को सुचारू चलाने की अपील की थी। इस सत्र में सरकार ने कई तैयारी की थी। धराली और पौड़ी में भीषण आपदाएं आई थी। सरकार और सत्ता पक्ष के विधायक आपदा के विषय पर नियम 310 के तहत चर्चा करने के पक्ष में थे, लेकिन विपक्ष ने सस्ती लोकप्रियता के लिए हंगामा किया। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि सदन के अंदर पूरी अराजकता हुई। माइक, टेबल और टेबलेट तोड़ा गया। और खुद मुख्यमंत्री को दूसरी डेस्क पर जाकर स्वर्गीय मुन्नी देवी का शोक संदेश पढ़ना पड़ा। सरकार को सदन में रिपोर्ट कार्ड पेश करना था, लेकिन विपक्ष के हंगामे से सदन ठीक से नहीं चल पाया।

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