उत्तराखंड.
नैनीताल जिले के रामनगर के क्यारी गांव में बुधवार को बड़ा हादसा होने से टल गया. यहां खिचड़ी नदी के उफान पर होने के बावजूद कुछ पर्यटकों ने लापरवाही दिखाते हुए अपनी कार खिचड़ी नदी में उतार दी. तेज बहाव और गहराई का अंदाजा न लगा पाने की वजह से कार बीच धारा में फंस गई और देखते ही देखते आधी डूब गई. कार में सवार दो युवक जान बचाने के लिए चीखने-चिल्लाने लगे. मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और किसी तरह दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. स्थानीय लोगों की तत्परता से उनकी जान बच सकी, वरना हादसा बड़ा हो सकता था. बाद में ट्रैक्टर की मदद से कार को नदी से बाहर निकाला गया. बताया जा रहा है कि यह पर्यटक हरियाणा के निवासी हैं और जिस गाड़ी को उन्होंने नदी में डाला वह स्कॉर्पियो थी.
क्यारी गांव के ग्रामीण विनोद बधानी ने जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में खिचड़ी नदी का जलस्तर काफी खतरनाक हो जाता है. बावजूद इसके पर्यटक बिना सोचे-समझे अपनी गाड़ियों को नदी में उतार देते हैं. उन्होंने कहा कि बुधवार को भी यही हुआ. पर्यटकों की गाड़ी पानी में डूबने लगी और गाड़ी का इंजन बंद हो गया. तभी कार में बैठे युवक घबरा गए और चीखने लगे. ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और ट्रैक्टर और डंडों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. गौरतलब है कि खिचड़ी नदी बरसात के दिनों में बेहद उफान पर रहती है. ऐसे में प्रशासन की ओर से लगातार चेतावनी जारी की जाती है कि लोग नदियों और बरसाती नालों के पास न जाएं. लेकिन इसके बावजूद पर्यटक लापरवाही बरतते हैं. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है.
