उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया और कहा कि सहकारिता राज्य के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों और समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और कहा कि सहकारिता ही सामाजिक एकता और आर्थिक स्वावलंबन की आधारशिला है।
*मुख्यमंत्री की घोषणाएं और पहल*
– सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है।
– 13 जनपदों की 5511 समितियों में से 3838 समितियों के अभिलेख राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन किए जा चुके हैं।
– मंडुवा की खरीद में 5.50 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर 48.86 प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है।
– कृषि कार्यों के लिए किसानों को पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना से तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है।
– महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है।
*सहकारिता मेले की उपलब्धियां*
– महिला स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 35 लाख रुपये का व्यापार किया।
– इस मेले से श्रीनगर में लगभग 1 करोड़ रुपये का व्यापार हुआ।
– सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि कॉपरेटिव इस समय 30 करोड़ रुपये के लाभ में है।
– लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा जा रहा है ¹।
