देहरादून.
प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने एक नई पहल की है।
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् एवं Indian Railway catering and Tourism Corporation Limited (IRCTC) के बीच मानसखण्ड मंदिरों तथा अन्य स्थलों के प्रचार-प्रसार हेतु Special Tourist Train (मानसखण्ड एक्सप्रेस) संचालित किए जाने पर आज एक MOU (समझौता हस्ताक्षर) किया गया।
मानसखण्ड स्थित विभिन्न मंदिरों के भ्रमण हेतु पहली ट्रेन अप्रैल, 2024 में कोलकाता से चलाई जाएगी। उसके बाद अन्य शहरों के लिए भी तैयारी की जा रही है।
मानसखण्ड एक्सप्रेस ट्रेन के संचालन हेतु हुए करार के अनुसार उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् का खर्च सलाना पांच करोड़ के लगभग होगा।
पूर्णागिरी, हाट कालिका, पाताल भुवनेश्वर, मायावती, बालेश्वर, मानेश्वर, जागेश्वर, गोलू देवता-चितई, नंदा देवी, कसार देवी, कटारमल अल्मोड़ा, नानकमत्ता गुरुद्वारा
खटीमा और नैना देवी नैनीताल ऐसे सम्भावित स्थल हैं जिनका मानसखण्ड एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों के दर्शानार्थ प्रमुख स्थान हैं।
भविष्य में तमिलनाडु से कार्तिकेय स्वामी मंदिर रुद्रप्रयाग, उड़ीसा से जगन्नाथ मंदिर, उत्तरक्राशी आदि के लिए भी इस तरह की योजना बनाई जाएगी।
मानसखण्ड एक्सप्रेस ट्रेन में पांच सौ यात्री एक साथ सफर कर सकेंगे। ट्रेन के सभी यात्री डिब्बे सेकेण्ड ए०सी० हैं। साथ ही ट्रेन में यात्रा के दौरान भोजन की भी व्यवस्था होगी।
यात्रा के दौरान यात्रियों को उत्तराखण्ड के व्यंजन भी परोसे जाएंगे।
यात्रा के दौरान होटल व्यवस्था, बसों द्वारा भ्रमण, गाइड आदि को टूअर पैकेज के रूप में Indian Railway catering and Tourism Corporation Limited (IRCTC) रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
