मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में कहा कि उत्तराखंड खेल और पर्यावरण संरक्षण का अग्रदूत बन गया है। इस प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 महिला प्रतिभागी शामिल हैं, भाग ले रहे हैं।
*मुख्यमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें:*
– खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं।
– राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।
– स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है।
– राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति और 50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है।
– वन्यजीव संरक्षण के लिए जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की गई हैं।
– मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
– सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है।
