मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सेतु आयोग के कार्यों की समीक्षा की और कहा कि यह आयोग उत्तराखण्ड के विकास में राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने विभागों को आयोग के साथ पॉलिसियों और कार्यक्रमों पर मंथन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
*मुख्य बिंदु:*
– *सेतु आयोग की भूमिका*: राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा।
– *पॉलिसी सुधार*: आयोग अध्ययन करके बताएगा कि किस विभाग में किस पॉलिसी में क्या परिवर्तन किए जाने की आवश्यकता है।
– *कोल्ड वाटर फिशरीज*: इसे पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी से जोड़ने पर अध्ययन किया जाएगा।
– *वन आर्थिकी*: इसे बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
– *वर्षा आधारित कृषि*: पर्वतीय क्षेत्रों में इसे सुनिश्चित कृषि की दिशा में शोध एवं सुधार किया जाएगा।
– *शोध क्षमता*: सेतु आयोग के अंतर्गत एक मजबूत एक्सपर्ट टीम का उपयोग राज्य की बेहतरी के लिए शोध क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
