मुख्यमंत्री के अपर सचिव *बंशीधर तिवारी* ने सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में कुल *10 प्रस्तावों पर मुहर* लगी।
*1. शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र*
– *नन्ही परी संस्थान पिथौरागढ़*: संस्थान को 3 हेक्टेयर भूमि देने का प्रस्ताव पास। यहां बालिकाओं के लिए विशेष शिक्षण संस्थान संचालित होगा।
– *तकनीकी विश्वविद्यालय*: इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित की जाएगी। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
– *PM पोषण योजना*: प्राथमिक शिक्षा के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन, श्रीनगर को जिम्मेदारी। कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूलों के बच्चों को पका-पकाया भोजन मिड डे मील के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
*2. पर्यटन और सुरक्षा*
– *रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली 2026*: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नए नियम मंजूर। गाइड्स की ट्रेनिंग, उपकरणों की जांच और आपातकालीन प्रोटोकॉल को और सख्त किया जाएगा। राफ्टिंग ऑपरेटर्स के लिए लाइसेंस प्रक्रिया भी आसान होगी।
*3. कार्मिक और वित्त*
– *उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम*: निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। इससे कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी।
– *पदोन्नति नियमावली में संशोधन*: वित्त विभाग में लेखाकार व अन्य पदों पर पदोन्नति अब ज्येष्ठता के आधार पर होगी। इससे पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
*4. प्रशासन और ऑडिट*
– *कुंभ मेला ऑडिट*: 2027 में होने वाले कुंभ मेले के ऑडिट के लिए 2 पद सृजित। वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता का एक-एक पद बनाया गया।
– *ऑडिट प्रकोष्ठ गठन*: विभागीय ऑडिट को मजबूत करने के लिए ऑडिट प्रकोष्ठ का गठन। इसके लिए 2 पदों का परिवर्तन और 2 नए पदों के सृजन को मंजूरी।
*5. रोजगार*
– *विदेश रोजगार प्रकोष्ठ*: सहसपुर में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन के लिए 7 नए पदों का सृजन। साथ ही विभिन्न विभागों से समन्वय के लिए PMU – प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का गठन किया जाएगा। इससे प्रदेश के युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
*6. भूमि और अन्य मामले*
– *बापूग्राम भूमि मामला*: बापूग्राम, बिन्दुखत्ता, 54 बग्गा का प्रस्ताव आया। भूमि अधिकार तय करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनेगी। समिति रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
– *मदरसा बोर्ड बजट*: वित्तीय वर्ष 2027-28 से मदरसा बोर्ड के बजट की अलग मद को समाप्त करने का फैसला लिया गया।
बंशीधर तिवारी ने कहा कि कैबिनेट का फोकस *शिक्षा, पर्यटन सुरक्षा, पारदर्शिता और रोजगार* पर रहा है।
