*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश*
CM ने आज मुख्यमंत्री आवास में सभी जिलों के साथ आपदा, मानसून, चारधाम यात्रा और डेंगू को लेकर विस्तृत समीक्षा की।
*1. आपदा प्रबंधन – “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”*
– *ग्राउंड जीरो पर जाएं अधिकारी* – सिर्फ बैठकें नहीं, फील्ड में निरीक्षण जरूरी
– *24×7 अलर्ट मोड* – सभी DM और एजेंसियां तैयार रहें
– *”गोल्डन ऑवर”* – आपदा में राहत तुरंत पहुंचे, देरी नहीं
– *बिजली, पेयजल, सड़क, संचार* बाधित होते ही तुरंत बहाल करें
– *पिछले साल के आपदा कार्य* 15 अक्टूबर तक पूरे हों
*2. चारधाम यात्रा + मानसून तैयारी*
– *अब तक 44.65 लाख श्रद्धालु* यात्रा कर चुके
– *संवेदनशील जगहों पर* JCB, पोकलैंड, तकनीकी दल पहले से तैनात
– *हेली सेवा* आपातकालीन राहत के लिए तैयार
– *GPS + आधुनिक संचार* का उपयोग जरूरी
– *खाद्यान्न, दवा, ईंधन* का भंडारण दूरस्थ क्षेत्रों में पहले से
*3. स्वास्थ्य + डेंगू रोकथाम*
– *युद्धस्तर पर अभियान* – सभी नगर निगम, पंचायत शामिल हों
– *जलभराव की सफाई, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव* रोज
– *अस्पतालों में* डेंगू किट, दवा, बेड, खून की व्यवस्था पूरी
– *गर्भवती, बुजुर्ग, दिव्यांग* की विशेष निगरानी, जरूरत पर हेली से शिफ्ट
*4. जन-जन की सरकार – तीसरा चरण*
– *15 सितंबर से शुरू* नए स्वरूप में
– *लक्ष्य*: अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ, मौके पर समाधान
– *पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व सेवा* शिविरों में ही
*5. अन्य महत्वपूर्ण निर्देश*
– *सभी पुलों का सेफ्टी ऑडिट* – कमजोर पुल पर तुरंत कार्रवाई
– *नालों की सफाई* – जलभराव रोकें
– *वैकल्पिक संचार व्यवस्था* आपदा के समय के लिए
– *CM घोषणाओं की समीक्षा* मुख्य सचिव करेंगे
– *जन सहभागिता* – ग्राम प्रधान, महिला/युवा मंगल दल को जोड़ें
– *”एक पेड़ मां के नाम”* अभियान को जन आंदोलन बनाएं
*CM का साफ संदेश:*
> “आपदा प्रबंधन कागजों पर नहीं, धरातल पर दिखना चाहिए। लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी। जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।”
*बैठक में मौजूद*: कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, मुख्य सचिव विनोद कुमार सुमन, सभी DM, SSP और विभागीय सचिव।
