*देहरादून*
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सदन के पटल पर 89 हजार 230 करोड़ का बजट रखा गया। एक तरफ सत्ता पक्ष इस बजट को ऐतिहासिक बता रहा है तो वहीं विपक्ष ने इसे निराशाजनक और आंकड़ों की बाजीगरी बताया है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं के लिए कोई सुनिश्चित कार्य योजना नहीं है। बजट में मातृशक्ति को नारायणी का उल्लेख किया है लेकिन बजट में उसके लिए कोई कार्य योजना नहीं है। पलायन सबसे बड़ा विषय है उसको लेकर के भी कोई प्रभावी नीति नहीं बनाई गई है, जबकि गांव के गांव खाली हो रहे हैं लेकिन सरकार कोई से कोई लेना-देना नहीं है। किसानों की आय को दुगनी करने के लिए सरकार कोई रणनीति नहीं बनाई गई है। इंडस्ट्री डेवलपमेंट के नाम पर नौजवानों को ठगा गया है, इस बजट से युवाओं को भी निराशा मिली है। विपक्ष के अनुसार इस बजट में युवाओं को रोज़गार, महिला सशक्तिकरण, पलायन जैसे मुद्दों को अनदेखा किया गया है। विपक्ष की मानें तो यह बजट आंकड़ों का खेल है, जिससे जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
