बारां जिले.
राजस्थान में एक ऐसा केस सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है, दरअसल राजस्थान में दो सरकारी शिक्षकों से राज्य सरकार 9 करोड़ 31 लाख 50 हजार 373 रुपये वसूलेगी, जिन दो शिक्षकों से ये रकम वसूली जानी है, वो दोनों आपस में पति-पत्नी हैं.
शिक्षक दंपत्ति से करोड़ों रुपये वसूलने की ये खबर राजस्थान के बारां जिले की है, जिन शिक्षकों से रिकवरी होनी है उनका नाम विष्णु गर्ग और मंजू गर्ग है. विष्णु गर्ग राजपुरा सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल था, उसकी पत्नी मंजू गर्ग भी इसी स्कूल में शिक्षक पद पर पोस्टेड थी लेकिन दोनों पति -पत्नी कभी स्कूल कैंपस नहीं जाते थे, उन्होंने अपनी जगह 20 सालों से डमी टीचर यानी किसी अन्य को अपनी जगह पर रख रखा था, अपनी जगह स्कूल में ड्यूटी करवाने के लिए डमी शिक्षकों को 5 हजार रुपये महीना देते थे, डमी शिक्षक..अपने आप को विष्णु गर्ग और मंजू गर्ग बताते थे.
ये शिक्षक दंपति करीब 15-16 वर्षों तक डमी शिक्षक का खेल खेलते रहे, इस दौरान शिक्षा विभाग से सैलरी भी उठाते रहे और बच्चों के पोषाहार में भी फर्जीवाडा कर भारी भरकम रकम भी हड़प कर ली, पहली बार वर्ष 2017 में दोनों का फर्जीवाड़ा पकड़ में आया, तब इनका इंक्रीमेंट रोककर मामले को रफा-दफा कर दिया गया था, लेकिन राजस्थान में बीजेपी सरकार आने के बाद दोबारा से जांच बैठी तो पता चला कि शिक्षक दंपत्ति की जगह अभी भी स्कूल में डमी शिक्षक पढ़ा रहे हैं. पिछले वर्ष दिसंबर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्कूल में छापा मारकर दोनों डमी शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया । लेकिन आरोपी विष्णु और मंजू फरार हो गये जिसके बाद राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक सभा में ऐलान किया था कि आरोपी शिक्षक दंपत्ति से पाई-पाई की भरपाई की जाएगी।
