देहरादून नगर निगम में मोहल्ला स्वच्छता समितियों के नाम पर अनियमितता के आरोप लग रहें हैं। नगर निगम के 100 वार्डों में मोहल्ला स्वच्छता समिति के तहत 1021 पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। इनमें से अधिकांश को लेकर फर्जीवाड़े की बात कही जा रही है। इस पर देहरादून के निवर्तमान मेयर ने सफाई दी है और कहा है कि कुछ कर्मचारियों के काम न करने की वजह से उनको बदला गया है, लेकिन लिस्ट में नाम अभी नहीं बदल पाया है उसको भी दुरुस्त कर लिया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर ही कई आरोप लगा दिए। आपको बता दें कि आरटीआई के माध्यम से नगर निगम से मोहल्ला स्वच्छता समिति की नई सूची-2019 मांगी गई थी, आरटीआई से मिली इस सूची में सभी 100 वार्डों में पार्षदों द्वारा 1021 कर्मचारियों की तैनाती की गयी है। इन कर्मचारियों को प्रतिदिन 500 रुपये मिलते हैं। जानकारी के मुताबिक यह राशि पार्षद के माध्यम से इन कर्मचारियों को वितरित की जाती है। सूची में लगभग हर वार्ड में तैनात कई कर्मचारियों के नाम और पते को लेकर संशय की स्थिति है। आरटीआई के माध्यम से उपलब्ध कराई गई सूची में बड़ी संख्या में कर्मचारियों के पते दर्ज नहीं है। नगर निगम के 100 वार्ड हैं। प्रत्येक वार्ड में पार्षदों ने कम से कम पांच कर्मचारी तैनात किये हैं। जबकि एक वार्ड में 20 कर्मचारी भी रखे गये। इसके अलावा पांच वार्डों में 16-16 सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। सफाई कर्मचारियों में गोदियाल, नैथानी, शर्मा, गहलोत, रावत, चौहान, गुप्ता भी शामिल हैं। शुभम नाम के 15 से भी अधिक लोग हैं। इनका पता नहीं है। एक वार्ड में दो शुभम है और उनका पता 3 और 4 सालावाला, हाथीबड़कला दिखाया गया है। हर पर्यावरण मित्र को प्रतिदिन 500 रुपये दिये जाते हैं। यह राशि वार्ड पार्षद के खाते में जाती है और पार्षद ही इसका भुगतान पर्यावरण मित्र को करता है।
