22 जनवरी को प्रदेश भर में शराब और मासाहर की दुकाने पूर्णतह बंद रहगी
आगामी 14 से 22 जनवरी तक उत्तराखंड में सांस्कृतिक उत्सव के तहत भव्य आयोजन किए जाएंगे। इसको लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की और कई दिशा निर्देश दिए।सीएम धामी ने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके उपलक्ष्य में प्रदेश में पूरी जन सहभागिता के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 22 जनवरी को सभी प्रमुख मंदिरों, गुरुद्वारों में प्रसाद वितरण किया जाए। जन सहभागिता से गरीबों तक प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर हमें देवभूमि की सेवा करने का जो अवसर मिला है उस अवसर को हम अपने “विकल्प रहित संकल्प“ के साथ पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में मंदिरों, घाटों, प्रतिष्ठानों, शहरों में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि यह कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रहे। इसमें महिला मंगल दल, युवक मंगल दल स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम जन की सहभागिता से दीपोत्सव, रामचरितमानस पाठ, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण, स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जाएं। प्रसाद के रूप में उत्तराखण्ड के मिलेट्स को अधिक से अधिक शामिल किये जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी को सभी घरों में दीपोत्सव मनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। भगवान सूर्य उत्तरायण में प्रवेश कर रहे हैं, इस शुभ अवसर पर अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। पूरे प्रदेश में इस अवसर को दीपावली के उत्सव की भांति मनाया जायेगा।रघुनाथ मंदिर, देवप्रयाग में राम भजन के साथ भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। पिथौरागढ़ में रामेश्वर एवं पंचेश्वर मंदिर में भव्य आयोजन किये जायेंगे। चम्पावत छतार स्थित राम मंदिर एवं शारदा घाट में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। बागेश्वर में उत्तरायणी कौथिक में राम मंदिर थीम पर आधारित झांकिया निकाली जायेंगी। अल्मोड़ा में कटारमल में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। चमोली में प्रयागों और पंचबद्री में कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। नैनीताल में कैंची धाम और नेना देवी मंदिर में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।
