बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं दौरे पर थे। छह जुलाई को सीएम धामी ने रामनगर में विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सैर की थी, जिस जिप्सी पर सीएम धामी सवार होकर कॉर्बेट सफारी पर निकले थे, उसका सेफ्टी ऑडिट ही नहीं हुआ था। सबसे बड़ी बात ये है कि इस जिप्सी की फिटनेस 22 अगस्त 2020 को एक्सपायर हो चुकी थी। यानी 5 साल पहले जिस जिप्सी की फिटनेस एक्सपायर हो चुकी थी, उसमें सीएम धामी को जंगल सफारी कराई गई। हालांकि, खबर के बाद गाड़ी की फिटनेस 2027 तक रिन्यू कर दी गई है। प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) समीर सिन्हा ने मामले की जांच पीसीसीएफ वन्यजीव व मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजन मिश्रा को सौंप दी है। दो दिन बाद खुलासा हुआ कि इस जिप्सी की फिटनेस जांच 22 अगस्त 2022 के बाद कराई ही नहीं गई।

अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सीएम की सुरक्षा से समझौता क्यों किया गया? हालांकि वाहन में कोई भी तकनीकी कमी सामने नहीं आई। यही नहीं, गाड़ी का इंश्योरेंस और पॉल्यूशन तक भी कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन की तरफ से नहीं देखा गया। जाहिर है कि 5 साल पहले जिस गाड़ी की फिटनेस एक्सपायर हो गई हो, उस पर बैठना खतरे से खाली नहीं था। सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की सुरक्षा दांव पर लगाई गई। गनीमत रही कि ऐसी गाड़ी में चलते हुए कोई भी खराबी नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *