पौड़ी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पौड़ी में 800 करोड़ लागत की 353 विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसमें 134.61 करोड़ की 196 योजनाओं का लोकार्पण तथा 666.13 करोड़ की 157 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी में विशाल जन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पौड़ी की यह भूमि सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र, तीलू रौतैली, वीर माधो सिंह, जसवंत सिंह रावत और भारत के प्रथम सीडीएस रहे विपिन रावत की भूमि है। उन्होंने कहा कि कि यह उनका सौभाग्य है कि आज उन्हें पौड़ी की पवित्र भूमि पर आने और मातृशक्ति को समर्पित कार्यक्रम में जन कल्याण की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने का सुअवसर मिल रहा है। आज पौड़ी गढ़वाल के लिए 800 करोड़ से अधिक की लोक कल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। इन योजनाओं से पौड़ी गढ़वाल का और तेजी से विकास होगा।
अपने संबोंधन में मुख्यमंत्री ने केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण के लिए चलायी जा रही योजनाओं, कार्यक्रमों, उपलब्धियों और प्रयासों से अवगत कराते हुए नारी शक्ति को इस पर्वतीय राज्य की रीढ़ कहा। कहा कि चाहे उत्तराखण्ड में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण देने की बात हो अथवा महिलाओं को उज्ज्वला गैस योजना के लाभ की बात हो ऐसी योजनाओं से आज महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त होकर उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्य बनाने में अपना योगदान दे रही हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गयी गंगा पथ पर आधारित ‘‘कॉफी टेबल बुक‘‘ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री द्वारा कण्डोलिया में ही स्व0 जनरल बिपिन रावत के पार्क का लोकार्पण किया, जहां पर जनरल बिपिन रावत की प्रतिमा और 101 फीट ऊंचा तिरंगा आकर्षण का केन्द्र रहा। इस दौरान मा0 मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनमानस को ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ‘ व ड्रग फ्री देवभूमि-2025 की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कंडोलिया थीम पार्क में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए अर्बन हाट का निरीक्षण के दौरान महिलाओं के स्वरोजगार के प्रयासों से बेहद खुश नजर आए। हाट में लगाए गए स्टॉलों के भ्रमण के दौरान महिलाओं ने सीएम को उत्पाद चखाए। सीएम के आत्मीय व्यवहार और रोजगार के बारे में बारीकी से जानकारी लिए जाने पर मातृशक्ति प्रफुल्लित नजर आई। हाट में महिलाओं ने मोटे अनाज के उत्पाद, अर्से, पकोड़े, अचार, चटनी और दाल के पकोड़े रखे थे। मातृ शक्ति के अनुरोध पर सीएम ने उत्पादों का स्वाद चखा।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक स्टॉल में जाकर उत्पादों की जानकारी लेने के साथ ही इससे हो रहे लाभ के बारे में सवाल किए। मुख्यमत्री ने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि मातृशक्ति बहुत बढ़िया काम कर रही हैं। इसका लाभ उनके परिवार सहित प्रदेश को मिलेगा। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने सरकार के वोकल फॉर लोकल के नारे का अनुसरण करते हुए स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है। वह चाहती हैं कि आत्मनिर्भर बनने के साथ ही स्थानीय उत्पादों का प्रचार-प्रसार हो।
