मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव हमारी अस्मिता, पहचान और जड़ों से जुड़ाव का उत्सव है। यह महोत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और लोक कलाकारों को मंच प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

*मुख्यमंत्री की घोषणाएं और पहल*

 

– राज्य सरकार लोक भाषा, संस्कृति और लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

– लोक कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके।

– कोरोना काल के दौरान सूचीबद्ध कलाकारों को प्रतिमाह 2000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी।

– लोक कला के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले कलाकारों को प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है।

– गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत 6 माह का लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

 

*महोत्सव के उद्देश्य*

 

– कुमाऊं द्वार महोत्सव का उद्देश्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और लोक कलाकारों को मंच प्रदान करना है।

– यह महोत्सव हमारी जड़ों से जुड़ाव और अस्मिता का उत्सव है।

– यह महोत्सव युवा पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास है।

 

*कार्यक्रम में उपस्थिति*

 

– कार्यक्रम में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, एसएसपी पी एस मीणा, प्रभारी जिला अधिकारी अनामिका सहित अन्य जनप्रतिनिधि, लोक कलाकार और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

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