मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक की। उन्होंने राज्य के विकास कार्यों, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा की
*मुख्यमंत्री के निर्देश:*
– “एक जिला, एक मेला” अभियान के अंतर्गत चयनित मेलों को राजकीय मेला के रूप में घोषित किया जाएगा।
– इन मेलों को विशेष संरक्षण, वित्तीय सहायता और प्रचार-प्रसार का लाभ मिलेगा।
– योग, आयुर्वेद और ध्यान के केंद्रों को जिलों और ब्लॉकों तक विस्तारित किया जाएगा।
– वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत चिन्हित गांवों में होमस्टे, स्वरोजगार, उद्यानिकी, कृषि और सौर ऊर्जा संबंधी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
– सीमा से लगे गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
– शीतकालीन चार धाम यात्रा और बारहमासी पर्यटन की तैयारियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
– केएमवीएन और जीएमवीएन को आगामी शीतकालीन यात्रा सीज़न के लिए विशेष छूट पैकेज तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
– सीएसआर फंड का उपयोग जनहित के कार्यों के लिए जिला स्तर पर व्यापक रूप से किया जाए।
– प्रमुख स्थानों पर अलाव, रेन बसेरा और बर्फ हटाने की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
– शीतकालीन चारधाम यात्रा के समापन के बाद यात्रा मार्गों और श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कचरे के उचित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
– स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण और शब्क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए जीआई टैग से संबंधित उत्पादों को निर्यात योग्य बनाने की दिशा में ठोस कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
– प्रत्येक जनपद और विकासखंड में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष योजनाएँ तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
– शहरों और कस्बों की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
– राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला स्तर पर नियमित सत्यापन और निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
– सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी बनाए रखने और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
– शहरों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की पूरी
