देहरादून.
प्रदेश में बढ़ती वन अग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई जिसमें वन विभाग के उच्चाधिकारियों और प्रभावित सभी जिलों के जिला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बैठक में मौजूद सभी उच्च अधिकारियों को सत्य निर्देश देते हुए कहा कि वन अग्नि को रोकने के लिए जो भी प्रयास मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बैठक में मौजूद सभी उच्च अधिकारियों को सत्य निर्देश देते हुए कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। मुख्य सचिव ने बताया कि वनाग्नि को रोकने के लिए वन क्षेत्र में मैनपॉवर को बढ़ाने के साथ आग बुझाने के लिए दमकल दस्तों में फॉम टाइप छोटी गाड़ियों की तैनाती भी की जा रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि वन अग्नि के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लिए बजट का आवंटन भी किया है।
वही उत्तराखंड पुलिस ने वन अग्नि की घटनाओं को अंजाम देने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एक एसओपी भी तैयारी कर ली है। डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि प्रदेश में अब तक वनाग्नि के 13 मामले दर्ज किया जा चुके हैं जिसमें 6 लोगो की गिरफ्तारी की जा चुकी है जबकि बाकी की तलाश की जा रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने ऐसे कई क्षेत्र चिह्नित किए हैं जहां वन अग्नि की घटनाएं बार-बार हो रही है उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति वन अग्नि की घटनाओं में लिप्त पाया जाता है उनके खिलाफ पुलिस गैंगस्टर एक्ट लगने के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी कुर्क कराएगी।
वहीं अपर मुख्य वन संरक्षक निशांत वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने जो भी निर्देश दिए थे उन सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है जिसके तहत बनवानी नियंत्रण की कार्रवाई पर निगरानी के लिए अधिकारियों को भेज दिया गया है जबकि फायर वाच का काम करने वाले कर्मियों का बीमा भी कराया जा रहा है। जबकि प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित पौड़ी के लिए एनडीआरफ को लगाने की भी तैयारी की जा रही है।
