*देहरादून*
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अजय टम्टा एक ऐसे सांसद हैं जो दूसरी बार केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं। अजय टम्टा के केंद्र सरकार में मंत्री बनने पर भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं। खास तौर से अजय टम्टा ने चुनाव दर चुनाव जीत का अंतर बढ़ाया है। वहीं अजय टम्टा के मंत्री बनाकर भाजपा ने क्षेत्रीय संतुलन के साथ जातीय संतुलन पर फोकस किया है। आपको बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की 23 विधानसभा सीटों में भाजपा को हर का सामना करना पड़ा था। ज्यादातर सीटे ऐसी थी जहां एससी-एसटी मतदाता निर्णायक भूमिका में थे। ऐसे में उत्तराखंड में भाजपा ने क्षेत्रीय संतुलन के साथ जातीय संतुलन को भी फोकस करने की कोशिश की है। इतना ही नहीं उत्तराखंड में प्रमुख तौर पर बीसी खंडूरी, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक अजय भट्ट जहां भाजपा सरकार में मंत्री रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी केंद्र सरकार में एक बार मंत्री रह चुके हैं। जिस तरह से अजय टम्टा ने रिकार्ड मतों से जीत हासिल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा मंत्री पद से नवाजा है। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में भी अल्मोड़ा से अजय टम्टा को राज्य मंत्री बनाया गया था।
2019 में उत्तराखंड से हरिद्वार लोकसभा के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक कैबिनेट मंत्री बने थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने वाले अजय टम्टा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा मंत्री बनाया है जो उत्तराखंड के 24 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी सांसद को दोबारा मंत्री बनाया गया है।
