देहरादून.

उत्तराखंड में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं जोरों पर हैं। इसके साथ ही प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष को बदलने को लेकर भी सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं। इन दोनों अहम फैसलों पर प्रदेशभर की नजरें दिल्ली पर टिकी हुई हैं, मंत्रिमंडल में पांच मंत्री पद रिक्त चल रहे हैं, जिन्हें भरा जाना है। साथ ही मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल की संभावना है। माना जा रहा है कि अप्रैल के पहले हफ्ते यानी नवरात्रों में धामी सरकार का कैबिनेट विस्तार हो सकता है। कैबिनेट विस्तार के साथ ही संगठन के नेताओं को भी सरकार में दायित्व दिया जाना है, जिसकी लिस्ट भी फाइनल हो चुकी है। कैबिनेट विस्तार और दायित्व दिए जाने को लेकर केंद्र में नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। बैठक में लगभग सब तय हो चुका है। मंत्रियों और दायित्वधारियों की लिस्ट भी फाइनल हो चुकी है।

 

कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में रिक्त मंत्री पदों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। वर्तमान में मुख्यमंत्री समेत सात मंत्री ही हैं। ऐसे में कामकाज का बोझ भी बढ़ा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने दिल्ली दौरे में भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम समेत अन्य नेताओं से भेंट की थी। यही नहीं, इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी संकेत दिए थे कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए उपयुक्त समय है और यह होना तय है। इससे राजनीतिक गर्माहट बढ़ गई थी। कुछ विधायकों ने दिल्ली दौड़ भी लगाई। ये बात अलग है कि तब होली के त्योहार को देखते हुए यह विषय टल गया। कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं के बीच कुछ मौजूदा मंत्रियों के हटने की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि हाईकमान मंत्रिमंडल में युवा और नए चेहरों को मौका दे सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री धामी खुद दिल्ली जाकर हाईकमान से मुलाकात कर चुके हैं।

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