देहरादून
चारधाम यात्रा से ठीक पहले घोड़ा-खच्चरों में एक्वाइन इन्फ्लुएंजा वायरस के मामले सामने आने से पशुपालन विभाग अलर्ट मोडमें आ गया है। यह वायरस घोड़ों को कोरोना वायरस की तरह संक्रमित करता है। संक्रमित जानवरों में बुखार, खांसी, नाक बहना और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी जैसे जिलों में अब तक 50 से अधिक घोड़े इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। यमुनोत्री और केदारनाथ जैसे दुर्गम धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घोड़ों और खच्चरों के ज़रिए यात्रा करते हैं। ऐसे में इस बीमारी के फैलने से यात्रा प्रभावित हो सकती है और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि राहत की बात यह है कि एक्वाइन इन्फ्लुएंजा इंसानों को संक्रमित नहीं करता।
पशुपालन विभाग ने एहतियात के तौर पर अब तक 8 हज़ार से ज्यादा घोड़ों की सैंपलिंग की है। विभाग के सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम के मुताबिक, इनमें से 50 घोड़े पॉजिटिव पाए गए हैं, जिन्हें फिलहाल होम क्वारंटीन में रखा गया है।
