उत्तराखंड.

नवरात्रों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम एक्शन में है. खाद्य सुरक्षा विभाग की मिलावटखोरों पर पैनी नजर है. इसी कड़ी में चेकिंग अभियान चलाये जा रहे हैं. लक्सर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम और लक्सर तहसीलदार की संयुक्त टीम ने दुकानों पर छापेमारी कर पुराने और डुप्लीकेट कुट्टू के आटे को जब्त किया. खाद्य विभाग टीम व संयुक्त टीम की छापेमारी से कई दुकानदार अपनी-अपनी दुकान बंद करके भाग निकले. टीम ने कुट्टू का आटा बिकने वाली सभी दुकानों से सैंपल लिए हैं. एक आटा चक्की से 50 किलो पुराना कुट्टू का आटा बरामद हुआ है. जिसको जमीन में दबाकर नष्ट कर दिया गया है. फूड इंस्पेक्टर दिलीप जैन का कहना है कि सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे. उसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पिछले साल नवरात्र के दौरान कुट्टू के आटे से कई लोग बीमार पड़े थे. इस बार प्रशासन ने त्योहार से पहले ही जांच अभियान शुरू कर दिया है. अब कुट्टू का आटा सिर्फ सीलबंद पैकेट में ही बिकेगा. बिना लाइसेंस बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

 

चैत्र नवरात्रि में लक्सर क्षेत्र के गांव के लोग कुट्टू का आटा खाने से फूड प्वाइजन के शिकार हो गए थे. जिसमें लक्सर तहसील क्षेत्र के निरंजनपुर गांव के सुनील और उसके परिवार की अंकिता रिया, रितिका, सरोज, वैभव, शालू, उषा वृंदा, अंकित और निधि ने व्रत खोलने के बाद कुट्टू के आटे की रोटियां खाई थी. कुछ देर बाद ही इन सब की हालत बिगड़ गई. लोगों को चक्कर आने लगे, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी. हालत ज्यादा खराब होने पर इन्हें लक्सर के निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया गया. इसी प्रकार खेड़ी कला गांव में भी अभिषेक के परिवार में कई लोगों की हालत कुट्टू के आटे बने भोज्य पदार्थ खाने से बिगड़ गई. इन्हें भी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. इन सभी को कुट्टू का आटे खाने के बाद ये परेशानियां हुई. नवरात्र और त्योहारी सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को कड़े निर्देश दिये हैं.वरात्र के दौरान उपवास में व्यापक रूप से प्रयुक्त होने वाले कुट्टू के आटे को अब बिना लाइसेंस और पंजीकरण के नहीं बेचा जा सकेगा.

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