*नई दिल्ली/देहरादून।* 1940 में परिकल्पित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को आखिर निर्णायक गति मिल गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई बैठक में हिमाचल, उत्तराखंड, UP, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच MoU पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे 8 दशक पुराने इंतजार का अंत और जल सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया, जिनके हस्तक्षेप से 16 जून 2026 की बैठक के बाद अड़चनें दूर हुईं।
*क्यों अहम है परियोजना:*
CM धामी ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व की परियोजना है। इससे 1562 MCM क्षमता का जलाशय बनेगा और 422 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसका लाभ पूरे अपर यमुना बेसिन के 6 राज्यों को पेयजल, सिंचाई और यमुना पुनर्जीवीकरण के रूप में मिलेगा।
CM ने कहा कि प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही 2500 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण के लिए क्षतिपूरक वनीकरण में केंद्र और सहभागी राज्यों से सहयोग मांगा। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ परियोजना समयबद्ध धरातल पर उतरेगी।
