*देहरादून।* हिमालय दिवस के अवसर पर वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दो बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने हिमालय परिषद में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए 1 करोड़ रुपये की धनराशि देने का ऐलान किया। साथ ही कहा कि हिमालय के संरक्षण और सतत विकास में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को हर साल हिमालय दिवस पर ‘हिमालय विभूति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 7वें देहरादून इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल समेत 5 पोस्टरों और विज्ञान पत्रिका ‘विज्ञान संप्रेषण’ का विमोचन किया।
सीएम धामी ने कहा कि हिमालय केवल पर्वत नहीं, हमारी पहचान और अस्तित्व का आधार है। जलवायु परिवर्तन से ग्लेशियरों पर दबाव और भूस्खलन जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास का मॉडल इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन वाला होना चाहिए। सड़क भी बने और जंगल भी बचें।
उन्होंने कहा कि हिमालय संरक्षण जन आंदोलन बनना चाहिए और बुग्याल दिवस से हिमालय दिवस तक मनाया जा रहा सप्ताह इसी दिशा में कदम है।
