*देहरादून।* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में जिस तरह की शिकायतें ज्यादा हैं, वहां के डीएम विभागवार समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालें। सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने, दाखिल-खारिज के मामलों को समय पर निपटाने और भूमि धोखाधड़ी की शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने को कहा।
सीएम ने पेयजल आपूर्ति को शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए 15 दिन में पाइपलाइन और सीवर लाइनों का ऑडिट कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। 30 दिन और 180 दिन से अधिक लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा, वहीं अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने शिकायतों को ‘स्पेशल क्लोज’ और ‘फोर्स क्लोज’ करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान सीएम धामी ने कई शिकायतकर्ताओं से खुद फोन पर बात की। संजय कुमार रावत के मेडिकल बिल भुगतान, पौड़ी की बेबी कोटनाला की परित्यक्ता पेंशन और हरिद्वार की गीता की पेयजल टंकी की समस्या पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और सभी जिलाधिकारी वर्चुअली जुड़े।
