*देहरादून -* उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ थाना कैंट में बेहद संगीन आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 की शाम 7:25 बजे FIR No. 0158 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विवेचना की जिम्मेदारी थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर को दी गई है।
*2004 में हुई थी शादी, पहले से शादीशुदा होने का आरोप*
FIR में रेखा आर्य ने बताया है कि वह उत्तराखंड में अधिसूचित अनुसूचित जाति की सदस्य हैं और 10/11, यमुना कॉलोनी, चकराता रोड की निवासी हैं। उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को बरेली के श्री बाबा बनखंडी नाथ मंदिर, जोगी नवादा निवासी गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था।
आरोप है कि गिरधारी लाल साहू अनुसूचित जाति/जनजाति का सदस्य नहीं है और उसे शुरू से पता था कि रेखा आर्य SC वर्ग से हैं। शादी के समय उसने खुद को अविवाहित बताया, लेकिन कुछ साल बाद पता चला कि वह पहले से विवाहित है और उसके पहले विवाह से बच्चे भी हैं। प्रार्थिनी के अनुसार तब तक उनके भी बच्चे हो चुके थे और घरवालों के समझाने व बच्चों के भविष्य को देखते हुए वह चुप रहीं।
*मारपीट, जातिगत अपमान और अवैध संबंधों के आरोप*
शिकायत के मुताबिक पिछले कुछ समय से पति का व्यवहार बदलने लगा। रेखा आर्य को जानकारी मिली कि पति के अन्य महिलाओं से भी अवैध संबंध हैं। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पति ने अपनी गलती मानते हुए लिखित और मौखिक रूप से माफीनामा दिया, लेकिन उसके बाद भी वही हरकतें जारी रखीं।
आरोप है कि विरोध करने पर गिरधारी लाल साहू उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगा। कई बार सरकारी आवास में स्टाफ के सामने भी अपमानजनक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया।
*फर्जी हस्ताक्षर कर कंपनी से हटाने और हत्या की साजिश का सनसनीखेज आरोप*
FIR में दो सबसे गंभीर आरोप फर्जीवाड़े और हत्या की साजिश से जुड़े हैं।
1. *फर्जी दस्तावेज का आरोप:* प्रार्थिनी का कहना है कि गिरधारी लाल साहू ने उनके कूटरचित हस्ताक्षर कर एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें कंपनी के निदेशक पद से निवृत्त दर्शा दिया, जबकि उन्होंने ऐसा कोई दस्तावेज निष्पादित नहीं किया और न ही कोई त्यागपत्र दिया।
2. *जान से मारने की साजिश:* हाल ही में उन्हें एक ऑडियो प्राप्त हुआ है जिसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बात करते हुए रेखा आर्य को जान से मारने का षड्यंत्र रच रहा है। FIR में उन्होंने लिखा है कि उन्हें लगातार अपने और अपने नाबालिग बच्चों की जान का खतरा बना हुआ है और यह व्यक्ति कभी भी कोई बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
*13 धाराओं में मुकदमा, SC/ST एक्ट भी लगा*
पुलिस ने प्रार्थिनी की लिखित तहरीर पर 15 अक्टूबर को मामला दर्ज किया है। इसमें IPC की 10 धाराएं – 120-B (आपराधिक षड्यंत्र), 323 (मारपीट), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग), 495 (पहले विवाह को छिपाकर दूसरा विवाह करना), 498-A (पति द्वारा क्रूरता), 504 (अपमान), 506 (धमकी) और SC/ST (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 की 3 धाराएं – 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) लगाई गई हैं।
अपराध की अवधि 06/07/2004 से 15/10/2026 तक दर्शाई गई है और घटनास्थल 10/11 यमुना कॉलोनी बताया गया है। पुलिस अब ऑडियो की फॉरेंसिक जांच और कंपनी के दस्तावेजों की सत्यता की जांच करेगी, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
