*ऋषिकेश -* एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। 17 अक्टूबर को वायरमैन पद के अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा के दस्तावेजों में फोटो का अंतर मिलने पर एम्स प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी। जांच में पता चला कि परीक्षा किसी और ने दी थी और नौकरी किसी और ने ज्वाइन की थी। इस पर कोतवाली ऋषिकेश में BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
SSP देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने 18 अक्टूबर को फर्जी तरीके से बायोमेट्रिक सत्यापन कराने आए अशोक कुमार मीणा (40), निवासी दौसा, राजस्थान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार अशोक ने मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दी थी, जबकि विकास कुमार मीणा ने एम्स में कार्यभार ग्रहण किया था।
फिलहाल मुख्य आरोपी विकास कुमार मीणा फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस प्रतिरूपण और कूटरचित दस्तावेजों के इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
