*देहरादून, 31 अक्टूबर 2026।*
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध निर्माणों के खिलाफ अपना सख्त रुख दिखाते हुए शनिवार को शहर के दो बड़े इलाकों में एक साथ सीलिंग की बड़ी कार्रवाई की। धौरण रोड स्थित IT पार्क क्षेत्र और पॉश इलाका माने जाने वाले सहस्त्रधारा रोड पर कुल तीन अवैध निर्माणों पर ताला जड़ दिया गया। कार्रवाई के बाद अवैध निर्माण करने वाले बिल्डरों में हड़कंप मचा हुआ है।

MDDA की प्रवर्तन टीम ने बताया कि ये निर्माण या तो बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किए जा रहे थे या स्वीकृत मानचित्र से छेड़छाड़ करके बनाए जा रहे थे।
*1. धौरण रोड, IT पार्क – दून डिवाइन में नक्शे से बड़ा खेल*
सबसे बड़ी कार्रवाई धौरण रोड स्थित दून डिवाइन परिसर में हुई। यहां मैसर्स युग रियल LLP के प्रोपराइटर देवेश वरयानी द्वारा बिल्डिंग बनाई जा रही थी।
जांच में पता चला कि बिल्डर ने 6 अलग-अलग भवनों के लिए नक्शा पास कराया था, लेकिन मौके पर सभी 6 को आपस में जोड़कर एक ही बड़े कॉम्प्लेक्स के रूप में फ्लैट काटे जा रहे थे। प्राधिकरण ने इसे सीधे-सीधे मानचित्र से विचलन और नियमों के साथ धोखाधड़ी माना। उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास) अधिनियम के तहत वाद दायर कर तत्काल प्रभाव से पूरे निर्माण को सील कर दिया गया।
*2. सहस्त्रधारा रोड पर बिना नक्शे के बन रही थीं 7 दुकानें*
दूसरी कार्रवाई सहस्त्रधारा रोड के मंदाकिनी विहार में हुई। यहां शुभ्रा राय द्वारा 3 दुकानों का निर्माण बिना किसी स्वीकृति के किया जा रहा था। MDDA ने बताया कि इस संबंध में संबंधित को कई बार नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने और कागजात दिखाने का मौका दिया गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। जिसके बाद शनिवार को टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण सील कर दिया।
इसी रोड पर तीसरी कार्रवाई नॉर्थ साइड सिटी पार्क के पास हुई, जहां साहनी नामक व्यक्ति द्वारा 4 दुकानें अवैध रूप से बनाई जा रही थीं। उसे भी नियमानुसार नोटिस प्रक्रिया के बाद सील कर दिया गया।
*उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा,* “देहरादून का सुनियोजित विकास हमारी पहली जिम्मेदारी है। हर निर्माण भवन उपविधि और स्वीकृत नक्शे के हिसाब से ही होना चाहिए। बिना नक्शे के या नक्शे से अलग निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम लगातार निगरानी कर रहे हैं, शिकायत मिलते ही कार्रवाई होगी। आम जनता से अपील है कि निर्माण से पहले स्वीकृति जरूर लें।”
*सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा,* “हमारी कार्रवाई पूरी तरह से वैधानिक प्रक्रिया के तहत होती है। पहले वाद दायर होता है, पक्ष सुना जाता है, उसके बाद ही सीलिंग होती है। मेरा सभी निर्माणकर्ताओं से अनुरोध है कि पहले सभी स्वीकृतियां लें, फिर ही काम शुरू करें।”
MDDA ने साफ किया है कि शहर में अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
