देहरादून। पूर्वी दून की जीवनरेखा सोंग नदी की सेहत जांचने के लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) ने बायो इंडिकेटर प्रोजेक्ट शुरू किया है।
इस प्रोजेक्ट में पानी की गुणवत्ता और इकोलॉजी का मूल्यांकन जैविक संकेतकों के जरिए किया जाएगा। यह अध्ययन WII के पूर्व प्रोफेसर डॉ. वी.पी. उनियाल के मार्गदर्शन में होगा।
अध्ययन के लिए 5 जीव समूहों को चुना गया है – जलीय मैक्रोइनवर्टेब्रेट्स, तितलियां और मधुमक्खियां, ड्रैगनफ्लाई-डेम्सलफ्लाई और पक्षी प्रजातियां। ये समूह पानी के प्रदूषण और नदी किनारे की स्थिति का संकेत देते हैं।
यह शोध सोंग नदी के उद्गम कददूखल (टिहरी) से गंगा संगम तेहरी फार्म तक 80 किमी में किया जाएगा। नदी को ऊपरी, मध्य और निचले तीन हिस्सों में बांटकर 36 सैंपलिंग पॉइंट पर दो मौसमों (नवंबर से अप्रैल के बीच प्री और पोस्ट मानसून) में सर्वे होगा।
6 महीने के इस प्रोजेक्ट से नदी का बेसलाइन डेटा तैयार होगा, जो प्रस्तावित सोंग बांध, खनन और शहरीकरण के प्रभाव का आकलन करने और संरक्षण नीति बनाने में मदद करेगा।
