*देहरादून 22 अक्टूबर 2026 -* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सीएम कैंप कार्यालय में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत खुद मुख्यमंत्री की कुमाऊंनी भाषा में रिकॉर्ड की गई वॉइस क्लिप से हुई।
यह पोर्टल AiSE फाउंडेशन द्वारा ‘भाषा AI’ पहल के तहत विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य उत्तराखंड की लोकभाषाओं को AI से जोड़कर उनके संरक्षण और डिजिटल उपयोग को बढ़ावा देना है।
इस मौके पर सीएम ने कहा कि हमारी बोली-भाषाएं हमारी पहचान हैं और लोककला व संस्कृति के संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दूर-दराज गांवों के लोग भी अपनी भाषा में सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकें और AI उनकी भाषा को सही से समझे।
पद्मश्री लोकगायक प्रीतम भरतवाण ने कहा कि लोकभाषाओं में जागर और लोकगीतों की समृद्ध विरासत है। AiSE फाउंडेशन के संस्थापक सचिदानंद सेमवाल ने बताया कि इस पहल से गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी शब्दों और आवाजों का संग्रह तैयार किया जा रहा है ताकि भविष्य में AI इन भाषाओं में संवाद कर सके।
