*देहरादून।* मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुल आठ प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से पांच प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि तीन प्रस्तावों को समीक्षा के लिए आरक्षित रखा गया।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं के सभी चरणों का विस्तृत अध्ययन सुनिश्चित किया जाए। तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय एवं प्रशासनिक सहमतियां समय से प्राप्त कर ली जाएं, ताकि स्वीकृति एवं क्रियान्वयन में विलंब न हो। उन्होंने कहा कि लागत निर्धारित करते समय वित्तीय प्रबंधन का विशेष ध्यान रखा जाए और अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर लागत वृद्धि के प्रस्ताव दोबारा न आएं।
बैठक में सिंचाई विभाग की मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित सहसपुर स्थित 326.64 करोड़ रुपये की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना और नैनीताल जनपद में 382.40 करोड़ रुपये की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बागेश्वर में 13.15 करोड़ रुपये की लागत से सर्किट हाउस निर्माण कार्य को अनुमोदन मिला। लोक निर्माण विभाग की नैनीताल के बेतालघाट विकासखंड में दुनिघाट से रातिघाट (पाडली) तक श्री कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण एवं सुधारीकरण कार्य के लिए 21.81 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली।
कुंभ मेला-2027 के लिए शहरी विकास विभाग एवं नगर निगम हरिद्वार के अंतर्गत मैनपावर फॉर इंटीग्रेटेड सैनिटेशन ऑपरेशन से संबंधित 25 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि स्वच्छता कार्यों में लगी एजेंसियों और कार्मिकों का बायोमेट्रिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए और सत्यापन के बाद ही भुगतान किया जाए।
वहीं स्यूंसी झील निर्माण परियोजना, रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान फेज-1 और केदारनाथ धाम में समग्र आधारभूत संरचना से जुड़े प्रस्तावों को समीक्षा के लिए आरक्षित रखा गया। रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान के संबंध में निर्देश दिए गए कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में प्रवाहित न हो।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, नियोजन सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
