*देहरादून।* मौसम विभाग द्वारा 30 अक्टूबर को उत्तराखंड के नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चमोली जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल एवं चम्पावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी चेतावनी है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने भी आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
सचिव सुमन ने बताया कि सभी जनपदों को आपदा प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाएं सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने, खराब मौसम में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने और यात्रा मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन अपनी मशीनरी तैयार रखें। सड़क बाधित होने पर तत्काल सुचारू किया जाए। राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा जाए।
आमजन से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास सावधानी बरतें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर दें।
बैठक में ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए सहायता प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने और चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने से बचाव के लिए सुरक्षा जाल लगाने का प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।
