*देहरादून।* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में वीर गोरखा कल्याण समिति द्वारा आयोजित गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेला-2026 में प्रतिभाग किया। CM ने गोरखा समाज को दशैं और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महोत्सव गोरखा समाज की गौरवशाली संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज की वीरता, शौर्य और राष्ट्रभक्ति पर पूरे देश को गर्व है, उनका आदर्श वाक्य ‘कायर हुनुभन्दा मर्नु राम्रो’ साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है। समाज ने सीमाओं की रक्षा के साथ ही उत्तराखंड के निर्माण और विकास में भी अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गोरखा समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में नेपाली भाषा के डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं और नेपाली अकादमी को उत्तराखंड भाषा संस्थान के दायरे में लाने की पहल की गई है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिया है और प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उत्तराखंड UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य भी है।
CM धामी ने कहा कि भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का सदियों पुराना आत्मीय संबंध है और सीमांत क्षेत्रों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। महाकाली नदी पर पंचेश्वर परियोजना, धारचूला में छारछुम पुल, बनबसा में 368.28 करोड़ से एकीकृत चेक पोस्ट, ड्राई पोर्ट और भारतमाला के तहत NH-9 पर 246.86 करोड़ से फोरलेन कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनसे आवागमन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज सहित गोरखा समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
