देहरादून.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के 12 जून को देहरादून दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन न होना अब जिला प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। उत्तराखंड शासन के प्रोटोकॉल विभाग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल से स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम देहरादून को लोकसभा अध्यक्ष के स्टाफ द्वारा दो दिन मोबाइल और टेलीफोन पर 7 फोन किए गए, लेकिन आरोप है कि उन्हें मीटिंग में व्यस्त होने की बात कहकर अनसुना कर दिया गया। ये फोन मोबाइल और लैंडलाइन पर किए गए थे। 10 जून 11 जून के बाद में सीएम ऑफिस को ये प्रकरण बताया गया। इसके बाद डीएम देहरादून ने कॉल बैक किया। आरोप है कि डीएम का व्यवहार भी बेहद खराब था।

 

केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी 19 जून को एक पत्र जारी कर इस संबंध में चिंता जताई थी। शिकायत में कहा गया है कि लोकसभा अध्यक्ष के दौरे के दौरान जब जिलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं मिला। शासन ने इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए गंभीरता से लिया है और डीएम से पूरी घटना पर स्पष्ट जवाब मांगा है। शासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस तरह की चूक भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बीते दिनों 12 जून को मसूरी स्थित प्रशासनिक अकादमी में 127 वें इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान एलबीएस अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को उन्होंने संबोधित भी किया था।

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