*गाजियाबाद।* बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ तो सुना था, पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो बेटियों ने बेटी बचाओ को साकार कर दिखाया। पिता की जान बचाने के लिए एक बेटी ने अपनी किडनी दान की, तो दूसरी ने लिवर देने का फैसला किया।

पिता की दोनों किडनियां फेल हो गई थीं और लिवर भी खराब हो गया था। हालत इतनी गंभीर थी कि उनका जीवन खतरे में पड़ गया था। इलाज के लिए अंग प्रत्यारोपण ही एकमात्र विकल्प था।

ऐसे में परिवार की दोनों बेटियां आगे आईं। बड़ी बेटी ने अपनी एक किडनी पिता को दान कर दी। छोटी बेटी ने भी पीछे न हटते हुए लिवर दान करने का निर्णय लिया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों बेटियों की हिम्मत और त्याग की वजह से अब पिता की जान बच सकेगी।

मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह एक साथ दो अंग दान करने के मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं। बेटियों के इस समर्पण ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।

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