*देहरादून।* मुख्यमंत्री *पुष्कर सिंह धामी* के हस्तक्षेप और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से रूस में करीब 97 दिनों से फंसे पिथौरागढ़ के दो भाई *आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की* सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं।
घर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों भाइयों से फोन पर बात कर उनकी कुशलक्षेम जानी। सीएम ने परिजनों से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। लंबे समय बाद बेटों के सकुशल लौटने पर परिवार ने राहत की सांस लेते हुए मुख्यमंत्री और सरकार का आभार जताया।
*रोजगार के नाम पर हुआ था फ्रॉड*
परिवार के अनुसार सितारगंज की एक ट्रैवल एजेंसी ने विदेश में बेहतर रोजगार दिलाने का झांसा देकर दोनों भाइयों से करीब *₹8 लाख* लिए थे। इसके बाद 5 मई 2026 को दोनों भारत से रवाना हुए और 6 मई को मॉस्को पहुंचे।
आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद उन्हें तय काम नहीं दिया गया। इसके बजाय इच्छा के विरुद्ध काम कराया गया और वेतन भी नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि दोनों को स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति नहीं थी और काम से मना करने पर धमकाया जाता था।
आखिरी बार संपर्क के दौरान दोनों ने बताया था कि जिस परिसर में उन्हें रखा गया है उसके आसपास ड्रोन या मिसाइल हमले हो रहे हैं। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई थी।
*सरकार ने ऐसे कराई वापसी*
मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय और रूस स्थित भारतीय दूतावास से लगातार समन्वय कर दोनों की सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज किए।
निरंतर प्रयासों के बाद दोनों भाई सकुशल भारत लौटे और घर पहुंचे।
इस मामले में *यूकेडी के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी* और *समाजसेवी रामदेव वर्मा* ने भी परिवार के साथ संपर्क बनाए रखकर सरकारी स्तर पर सहयोग किया।
*सीएम धामी का बयान*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखंड का कोई भी नागरिक दुनिया में कहीं भी संकट में हो, राज्य सरकार उसकी हरसंभव मदद करेगी। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में हम केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर तुरंत सहायता सुनिश्चित करते हैं।”
सकुशल वापसी पर परिजनों ने मुख्यमंत्री, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया है।
