देहरादून, 3 सितंबर। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बैठक हुई। एसोसिएशन ने बताया कि मांगें पूरी न होने पर 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
मांगों में 10 वर्ष सेवा पर प्रथम पदोन्नति का वेतनमान, स्वास्थ्य उपकेंद्रों के 391 सृजित पदों को क्रियाशील करना, फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करना, चिकित्सकों की अनुपस्थिति में दवा देने के लिए अधिकृत करना और चारधाम ड्यूटी के लंबित भुगतान शामिल हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों पर बिंदुवार चर्चा कर अधिकारियों को निर्देश दिए। ACP से जुड़ी मांग पर भारत सरकार के नियमों का परीक्षण करने, 391 पदों का प्रस्ताव उपलब्ध कराने और फार्मेसी रेगुलेशन व दवा वितरण के अधिकार पर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा।
चारधाम यात्रा के लंबित देयकों पर नाराजगी जताते हुए 15 दिन में भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, उनकी जायज समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
बैठक में मंत्री सौरभ बहुगुणा, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय, DG सुनीता टम्टा समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
