देहरादून। प्रदेश में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को हाथीबड़कला कैंप कार्यालय से देहरादून के 28 किसानों के दल को प्रशिक्षण के लिए हिमाचल प्रदेश रवाना किया।

किसानों का दल सोलन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, नौणी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण लेगा। इस दौरान किसान सेब की आधुनिक तकनीक जैसे कटाई-छंटाई, फल पौध रोपण, उर्वरक प्रबंधन, जैविक खाद, बडिंग, ग्राफ्टिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी लेंगे।

कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार पलायन रोकने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश में 808.79 करोड़ की लागत से सेब की अति सघन बागवानी योजना चल रही है, जिसके तहत 5000 हेक्टेयर में बागान विकसित करने का लक्ष्य है और किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 144.55 करोड़ की लागत से सीए स्टोरेज और सॉर्टिंग-ग्रेडिंग इकाइयां लगाई जा रही हैं, जिसमें 50 से 70 प्रतिशत अनुदान है। इसके अलावा 80 करोड़ से 400 एकड़ में अत्याधुनिक नर्सरी स्थापित करने का लक्ष्य है। भविष्य में कीवी उत्पादन और मधुमक्खी पालन में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इस मौके पर दायित्वधारी ज्योति कोटिया, संध्या थापा और मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. डी.के. तिवारी मौजूद रहे।

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