*देहरादून।* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक हुई। सीएम ने कहा कि अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए, बैठक औपचारिकता तक सीमित न रहे।
मुख्यमंत्री ने 2024 से अब तक लंबित विवेचनाओं की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण और विशेष न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत राशि के भुगतान में देरी न हो और विलंब वाले मामलों की अलग से समीक्षा की जाए। प्रभावित परिवारों को सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि चिकित्सा, शिक्षा, सुरक्षा, पुनर्वास और सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाए, बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
सीएम ने मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने, पुलिस कर्मियों को नियमित प्रशिक्षण देने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
बैठक में बताया गया कि 2024 में 189, 2025 में 157 और 2026 में 15 सितंबर तक 116 अभियोग पंजीकृत हुए हैं। 2024-25 में 205 पीड़ितों को 228.71 लाख, 2025-26 में 127 पीड़ितों को 143.16 लाख और 2026-27 में 18 सितंबर तक 104 पीड़ितों को 99.52 लाख की सहायता दी गई है।
