*देहरादून -* उत्तराखंड मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा, हिमाचल और सिक्किम के बाद देश का छठवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की और NIOS परीक्षा उत्तीर्ण नव-साक्षरों को सम्मानित किया।
CM ने कहा कि विषम भूगोल वाले उत्तराखंड में यह उपलब्धि प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है और 25 हजार स्वयंसेवकों, शिक्षकों व नव-साक्षरों की मेहनत का परिणाम है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ULLAS-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हासिल हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण साक्षरता मंजिल नहीं, नई शुरुआत है। अब डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता और जीवन कौशल पर फोकस होगा। शिक्षा का अर्थ केवल हस्ताक्षर नहीं, अधिकारों-कर्तव्यों की समझ है।
उन्होंने बताया कि 500 स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम, 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय, नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना और 200 स्कूलों में आधुनिक लैब की पहल जारी है।
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि अगले 6 माह में शत-प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य है और एक बच्चा होने पर भी गांव का स्कूल बंद नहीं होगा।
