*देहरादून, 10 अक्टूबर:* मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के IRTD प्रेक्षागार में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया। ये छात्राएं उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि का पहला दिन एक साथ आना विशेष संयोग है। कन्या पूजन तभी सार्थक है जब बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। बेटियां समाज की शक्ति और राष्ट्र के भविष्य की आधारशिला हैं।
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है।
नंदा गौरा योजना के तहत जन्म पर 11 हजार और 12वीं पास करने पर 51 हजार की सहायता दी जा रही है, जिससे अब तक 4 लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हुई हैं। इसके अलावा महालक्ष्मी योजना, वात्सल्य योजना, निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति और निःशुल्क साइकिल योजना से बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि डिजिटल शिक्षा के लिए मेधावी छात्राओं को स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं और कक्षा 10वीं-12वीं के छात्रों को DBT के माध्यम से टैबलेट के लिए धनराशि दी जा रही है। ड्रोन दीदी, आलम्बन आर्ट, आलम्बन कैफे और नव्या 2.0 जैसी योजनाओं से बेटियों को कौशल और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है।
सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए सरकारी सेवाओं में 5% आरक्षण और पॉक्सो पीड़ितों के लिए हर जिले में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
